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मामले में ढुल्लू महतो की ओर से चौथे गवाह काउंटिंग एजेंट संतोष चंद्र गौराई की गवाही कराई गई।
रांची। झारखंड हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की कोर्ट में शनिवार को बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो के निर्वाचन को चुनौती देने वाली जलेश्वर महतो की चुनाव याचिका पर सुनवाई हुई
मामले में ढुल्लू महतो की ओर से चौथे गवाह काउंटिंग एजेंट संतोष चंद्र गौराई की गवाही कराई गई। उनकी ओर से कहा गया कि चुनाव काउंटिंग में कोई गड़बड़ी नहीं हुई। गवाह का प्रति परीक्षण जलेश्वर महतो के अधिवक्ता अरविंद लाल ने किया। अधिवक्ता की प्रति परीक्षण में गवाह ने कहा कि बूथ संख्या 266 में मशीन खराब थी, इसलिए काउंटिंग नहीं हुई।
अधिवक्ता ने यह भी पूछा कि जिस समय झारखंड विधानसभा चुनाव हुआ उस समय यहां किस पार्टी की सरकार थी और कौन मुख्यमंत्री थे, जिस पर गवाह ने कहा कि उस दौरान किसी पार्टी की सरकार यहां नहीं थी। चुनाव के समय यहां कोई मुख्यमंत्री नहीं था। तब अधिवक्ता ने पूछा कि क्या उस समय राष्ट्रपति शासन था तो गवाह ने कहा उस समय झारखंड में राष्ट्रपति शासन था। ढुल्लू महतो की ओर से दी गई सात गवाहों की सूची में से अब तक चार गवाही पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने अगली सुनवाई में बाघमारा के तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर संजय भगत एवं तत्कालीन असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर विकास त्रिवेदी को तीन मार्च को गवाही देने के लिए उपस्थिति के संबंध में विशेष समन जारी किया है।
कोर्ट ने इनके दोनों गवाहों के आने-जाने सहित अन्य खर्च के लिए ढुल्लू महतो को 10 हजार रुपये जमा कराने को कहा है। इसके अलावा कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि जिस जिला में वर्तमान में ये दोनों अधिकारी पोस्टेड हैं वहां के डीसी को इनकी गवाही सुनिश्चित के संबंध में फैक्स भेजा जाए। अगली गवाही तीन मार्च को होगी। जलेश्वर महतो की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार लाल ने पैरवी की।
उल्लेखनीय है कि जलेश्वर महतो ने ढुल्लू महतो के निर्वाचन को रद्द करने का आग्रह किया है। याचिका में कहा गया है कि जिस समय ढुल्लू महतो ने अपना नामांकन जमा किया था उस समय वे डिसक्वालिफाइड थे, क्योंकि उनको अलग-अलग धाराओं में सजा हुई है।